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केदारनाथ(Kedarnath) उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। यह उत्तराखंड के Rudraprayag जिले में स्थित सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल है। भगवान शिव को समर्पित प्रसिद्ध और पवित्र केदारनाथ मंदिर, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिन्हें सबसे पवित्र शिव मंदिर माना जाता है। यह पवित्र मंदिर मंदिकनि river के नज़दीक बना है. यहाँ आने के लिए कम से कम17 किलोमीटर का trek चलना होता है. यहा 11,755 ft की ऊँचाई पर स्थित है.

“Kedarnath Temple” से जुडी कुछ खास जानकारियां :

  1. Kedarnath नाम कैसे मिला and its meaning
  2. Kedarnath Temple की पौराणिक कथाएं
  3. Kedarnath in History
  4. 2013 Kedarnath बाढ़ आपदा
  5. Kedarnath Dham
  6. Kedarnath Dham Route
  7. Kedarnath Temple Opening and Closing Dates 2025
  8. Places to see in Kedarnath
  9. Kedarnath Dham का मौसम
  10. Kedarnath distance from main cities in India
  11. Kedarnath ko Chota Char Dham क्यों कहते हैं

Kedarnath नाम कैसे मिला and its Meaning

· “Kedarnath” means “the lord of the field”. संस्कृत में केदार शब्द का अर्थ “क्षेत्र” और नाथ शब्द का अर्थ “भगवान” होता है

· The text “Kashi Kedara Mahatmya”, indicates that it is called Kedarnath because “ the crop of liberation” grows here.

“Kedarnath Temple” की पौराणिक कथाएं

पौराणिक कथाओं के अनुसार Mahabharata युद्ध के बाद पांडवों ने रिश्तेदारों की हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव से आशीर्वाद मांगा परन्तु उनसे बचने के लिए शिव ने बैल का रूप धारण किया और हिमालय में छिप गए। जब ​​पांडवों ने उनका पीछा किया तो वे केदारनाथ की धरती में चले गए और अपना कूबड़ पीछे छोड़ दिया, जिसकी पूजा केदारनाथ मंदिर में की जाती है। कहा जाता है कि उनके शरीर के अन्य अंग केदार खंड के अलग-अलग जगहों पर प्रकट हुए, जिससे पंच केदार (शिव को समर्पित पांच मंदिर) बने।

Kedarnath History

· Adi Shankaracharya , 8वीं शताब्दी के महान दार्शनिक और हिंदू धर्म के सुधारक, को केदारनाथ मंदिर को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने 8वीं शताब्दी ई. में वर्तमान संरचना का निर्माण किया था और इसे एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित किया था।

· केदारनाथ हिंदू भक्तों को ब्रिटिश शासन (1757-1947) के दौरान भी आकर्षित करता रहा है , हालाँकि कठोर पहाड़ी इलाकों के कारण वहाँ पहुँचना मुश्किल था।

· भारत के आज़ाद होने के बाद केदारनाथ का महत्व बढ़ता गया। तीर्थयात्रियों के लिए सड़कें, विश्राम गृह और अन्य सुविधाएँ शुरू की गईं।

2013 Kedarnath बाढ़ आपदा

केदारनाथ के इतिहास में सबसे भयावह और दुखद सबक भी दर्ज है। केदारनाथ बाढ़ 2013 पहाड़ी क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण हुई थी, जिससे आस-पास के इलाके में भूस्खलन और भारी बाढ़ आई थी। इससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से उबरने में कई साल लग गए।

Kedarnath Dham-A Journey of Devotion

दुनिया भर से लोग सांसारिक पापों से मुक्ति पाने और भगवान शिव की पूजा करने के लिए केदारनाथ धाम आते हैं। Kedarnath Yatra हमारे संघर्षरत मन को भी शांति प्रदान करती है। । केदारनाथ धाम के मुख्य रूप से 3 भाग हैं:

· आंतरिक गर्भगृह: यहाँ प्रतिष्ठित शिव लिंगम है, जिसे “केदार के भगवान” के रूप में पूजा जाता है

· मंडप (Hall): इसमें देवताओं और पौराणिक आकृतियों की जटिल नक्काशी है

· आदि शंकराचार्य की समाधि: मंदिर के पीछे स्थित है, जो उनके अंतिम विश्राम स्थल को चिह्नित करती है

केदारनाथ धाम पहुँचने के लिए, तीर्थयात्रियों को लगभग 21 किमी की यात्रा करनी पड़ती है।

📍 सोनप्रयाग से केदारनाथ तक – 21 किमी

📍 गौरीकुंड से केदारनाथ तक – 16 किमी ट्रेक

Kedarnath Dham Route From Delhi (Kedarnath Travel Guide)

🚗 सड़क यात्रा: दिल्ली → हरिद्वार → ऋषिकेश → ब्यासी → तीन धारा → देवप्रयाग → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → गुप्तकाशी → गौरीकुंड → केदारनाथ 🏔️

📍Route Breakdown & Highlights

1️⃣ दिल्ली → हरिद्वार (220 किमी | 5-6 घंटे) 🛕

🔹एनएच 334 से अपनी यात्रा शुरू करें

🔹 हर की पौड़ी पर गंगा आरती के साक्षी बनें

🔹मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में आशीर्वाद लें

2️⃣ हरिद्वार → ऋषिकेश (20 किमी | 45 मिनट) 🏞️

🔹 “विश्व की योग राजधानी” 🧘‍♂️

🔹 राम झूला, लक्ष्मण झूला और त्रिवेणी घाट पर जाएँ

🔹 रिवर राफ्टिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का अनुभव लें 🚣‍♂️

3️⃣ ऋषिकेश → देवप्रयाग (75 किमी | 3-4 घंटे) 🌊

🔹 गंगा और अलकनंदा नदियों के किनारे मनोरम ड्राइव

🔹 भागीरथी और अलकनंदा के पवित्र संगम को देखें जो गंगा नदी बनाते हैं

🔹 भगवान राम को समर्पित रघुनाथ मंदिर जाएँ

4️⃣ देवप्रयाग →श्रीनगर (35 किमी | 1.5 घंटे) 🌿

🔹 गढ़वाल के सांस्कृतिक केंद्र की खोज करें

🔹 आराम करें और शांत नदी किनारे के शहर का आनंद लें

5️⃣ श्रीनगर → रुद्रप्रयाग (34 किमी | 1.5 बजे) 🏔️

🔹मंदाकिनी और अलकनंदा नदी संगम के साक्षी बनें

🔹 भगवान शिव को समर्पित रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन करें

6️⃣ रुद्रप्रयाग → गुप्तकाशी (45 किमी |) 2 घंटे) 🔱

🔹 प्राचीन विश्वनाथ मंदिर और अर्धनारीश्वर मंदिर का अन्वेषण करें

🔹 केदारनाथ तक की त्वरित सवारी के लिए हेलीपैड पर रुकें (वैकल्पिक) 🚁

7️⃣ गुप्तकाशी → गौरीकुंड (30 किमी | 1.5 घंटे) ♨️

🔹 केदारनाथ से पहले अंतिम मोटरेबल पॉइंट

🔹 अपना ट्रेक शुरू करने से पहले गौरीकुंड हॉट स्प्रिंग्स में पवित्र स्नान करें

🚶‍♂️ गौरीकुंड से केदारनाथ तक ट्रेक (16 किमी | 6-8 घंटे)

“केदारनाथ” धाम पहुंचने के लिए तीर्थयात्री तीन संभावित विकल्प अपना सकते हैं:

Kedarnath Trek Route:

🏔️ गौरीकुंड → जंगल चट्टी →भीमबली → लिनचौली →केदारनाथ बेस कैंप → केदारनाथ मंदिर

🚶‍♂️ Pilgrim Options:

✅Walk the scenic route 🚶‍♂️

✅Hire a Pony / Palki 🐎

✅Take a Helicopter ride 🚁(From Phata, Sirsi, Guptkashi). Read more about Kedarnath Helicopter Services

Kedarnath Temple Opening and Closing Dates 2025 (Tentative)

· Opening Date: May 2, 2025

· Closing Date: October 23, 2025

Places to see in Kedarnath

केदारनाथ में कई खूबसूरत और रहस्यमयी स्थान हैं जहां तीर्थयात्री अपनी पवित्र यात्रा को और भी अधिक रोमांचक बना सकते हैं।

§ Bhairavnath Temple

भगवान Bhairavnath केदारनाथ के रक्षक हैं। यहाँ भगवान को समर्पित एक मंदिर है। यह मंदिर केदारनाथ मंदिर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। तीर्थयात्री हिमालय की शांत वादियों का अनुभव करते हुए बर्फ से ढके पहाड़ों के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

§ Adi Shankaracharya Samadhi

केदारनाथ मंदिर के पीछे आदि शंकराचार्य का अंतिम विश्राम स्थल है, माना जाता है कि महान संत ने यहीं मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त की थी। यह स्थान ध्यान और चिंतन के लिए एक आदर्श स्थान है।

§ Vasuki Tal

वासुकी ताल समुद्र तल से 4,134 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। यह केदारनाथ से लगभग 8 किमी की दूरी पर स्थित है। ऊँची चोटियों से घिरी यह प्राचीन झील चौखम्बा ग्लेशियर (Chaukhamba Glacier) का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है।

§ Gandhi Sarovar (Chorabari Tal)

इस झील को गांधी सरोवर इसलिए कहा जाता है क्योंकि कहा जाता है कि महात्मा गांधी जी की अस्थियाँ यहीं विसर्जित की गई थीं। यह खूबसूरत झील केदारनाथ से लगभग 3 किमी की दूरी पर स्थित है। हालाँकि गांधी सरोवर एक छोटी सी झील है, लेकिन इसकी खूबसूरती इसके क्रिस्टल-क्लियर पानी (crystal-clear waters) में है। ऐसा भी कहा जाता है कि पांडवों में सबसे बड़े युधिष्ठिर ने यहीं से स्वर्ग की यात्रा की थी। इस झील का दूसरा नाम चोराबारी झील ( Chorabari Tal)है।

§ Triyuginarayan Temple

माना जाता है कि यह मंदिर वह स्थान है जहाँ भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। कहा जाता है कि यहाँ जलती हुई अखंड ज्योति उनके दिव्य विवाह के बाद से ही जल रही है। यही कारण है कि यह आध्यात्मिक साधकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह केदारनाथ से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित है।

§ Gaurikund

गौरीकुंड केदारनाथ ट्रेक का आधार बिंदु है। यह 1,982 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इस पवित्र स्थान का नाम देवी पार्वती (गौरी) के नाम पर रखा गया है। यह वह स्थान है जहाँ देवी पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कई वर्षों तक ध्यान किया था। यह स्थान भगवान गणेश के जन्म से भी जुड़ा हुआ है।

Kedarnath Dham का मौसम (Climate data for Kedarnath, Uttarakhand)

हिमालय में 3,583 मीटर की ऊंचाई पर बसा केदारनाथ, पूरे साल मौसम की मार झेलता है। महीने के हिसाब से मौसम को समझने से आपको सुरक्षित और आरामदायक तीर्थयात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

📅 Month-by-Month Weather in Kedarnath

Distance to Kedarnath Valley from major nearby cities

Kedarnath ko Chota Char Dham क्यों कहते हैं

Chota Char Dham उत्तराखंड के चार प्रमुख तीर्थस्थलों को कहते हैं, जो इस प्रकार हैं— Kedarnath (“केदारनाथ” ), Badrinath (बद्रीनाथ), Gangotri (गंगोत्री) और Yamunotri (यमुनोत्री). इसे “छोटा चार धाम” इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह चारों धाम उत्तराखंड में स्थित हैं और “Bada Char Dham” पूरे भारत में हैं जो इस प्रकार हैं- Badrinath (उत्तराखंड), Dwarka (गुजरात), Jagannath Puri (ओडिशा), और Rameswaram (तमिलनाडु)।

हमें उम्मीद है कि हमारे पाठकों को पवित्र केदारनाथ के बारे में कुछ जानकारी अवश्य मिली होगी। इस ब्लॉग को लिखते समय कुछ लेखन संबंधी गलतियाँ हुई होंगी, उसके लिए हम अपने पाठकों से क्षमा चाहते हैं। मूल्यवान सुझाव या विषय के लिए आप हमें लिख भी सकते हैं।

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